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दूसरे देशों में गाय दूध के लिए होती है लेकिन हमारे देश में सियासत के लिए

                 दूसरे देशों में गाय दूध के लिए होती है लेकिन हमारे देश में सियासत के लिए     राजेश कुमार  (@rajeshtargotra) गाय, एक ऐसा पशु जिसे वक्त-वक्त पर अपने हिसाब से इस्तेमाल किया जाता रहा है। कभी गाय राजनीति का हथियार बनाई जाती है तो कभी गाय को लेकर कत्ल तक हो जाता है। कई बार गाय किसी के चेहरे पर कालिख पुतने की वजह बन जाती है। ऐसा…
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देशप्रेम की चाशनी चटाई जा रही है और लोग चाट रहे हैं

                                   देशप्रेम की चाशनी चटाई जा रही है और लोग चाट रहे हैं   राजेश कुमार  (@rajeshtargotra) राष्ट्रवाद या यूं कहें कि तथाकथित राष्ट्रवाद इन दिनों सुर्खियों में है। एक तरफ भारत माता की जय का नारा लगाते हुए और दूसरे ही सुर में मां-बहनों के नाम पर अपशब्दों की बौछार करते राष्ट्रवादी आपको हर तरफ नजर आएंगे। हम सब के…
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शव‘राज’ !

                                  शव‘राज’ !       वकार आलम तुर्की महाराष्ट्र से भड़की चिंगारी ने मध्य प्रदेश में जो आग लगाई है उसे शिवराज सरकार न भड़कते वक्त समझ पाई और न ही भड़कने के बाद बुझा पाने में कामयाब हुई, और आंदोलन को बेहद हल्के में लिया। असल में अब देश में ये ट्रेंड हो चला है कि जब तक कोई मौत न हो जाए तब तक सरकारों की कान पर जूं नहीं…
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क्या मैं ज़िंदा हूं…?

                                  क्या मैं ज़िंदा हूं...?      वकार आलम तुर्की 1970 में एक फिल्म आई थी ‘समाज को बदल डालो’...मधुसूदन राव ने उस वक्त समाज को बदलने की अपील फिल्म के जरिए की थी...इस फिल्म में एक गाना था ‘अम्मा एक रोटी दे, बाबा एक रोटी दे’…इस गाने में कोई 10 साल की लड़की अपने छोटे भाई के साथ एक बच्चे को गोद में लेकर समुद्र के किनारे घूम…
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